

स्थान : खटीमा
रिपोर्ट : अशोक सरकार

उत्तराखंड के खटीमा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित अवैध धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।


विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के कुछ गांवों में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण की गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।


कार्यकर्ताओं का दावा है कि खटीमा क्षेत्र के खेतलसंडा खाम, पचौरिया गन्ना सेंटर, हलवाड़ी, सैजना, बड़ी बगुलिया, 22 पुल और भूड़ाकिशनी जैसे इलाकों में विशेष रूप से जनजाति और गरीब वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।


उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर और “चंगाई सभा” के माध्यम से बीमारियों के ठीक होने का दावा कर छलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
विहिप के प्रखंड मंत्री प्रदीप ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

इस बीच प्रशासन की ओर से तहसील स्तर पर भी प्रतिक्रिया दी गई है। तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का धर्मांतरण नियमों के विरुद्ध पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित मामलों की जांच की जाएगी।


धरना और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें क्षितिज अरोड़ा, प्रदीप ठाकुर, कमल कव्याल और गुरविंदर सिंह शामिल थे।

अब सभी की नजर प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया पर टिकी है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

