

लोकेशन – मुनिकीरेती

संवाददाता – सागर रस्तोगी

सावन मास में शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए हैं। विशेष रूप से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बिना साइलेंसर दुपहिया वाहनों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है।




पुलिस प्रशासन ने उन कांवड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्लान तैयार किया है जो साइलेंसर निकालकर तेज़ आवाज़ में बाइक चलाते हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। योजना के तहत उत्तराखंड पुलिस ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान और दिल्ली के मुख्य सचिवों से संपर्क कर आग्रह किया है कि वे अपने-अपने राज्यों में ही ऐसे वाहनों की चेकिंग करें और उन्हें उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश न करने दें।



यदि फिर भी बिना साइलेंसर दुपहिया वाहन उत्तराखंड की सीमा तक पहुंचते हैं, तो बॉर्डर पर उन्हें रोका जाएगा, चालान किया जाएगा और मौके पर ही जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही, यदि कोई वाहन चोरी-छुपे राज्य में प्रवेश करता है, तो जिले की पुलिस उस पर सख्त कार्रवाई करेगी।


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर हाईटेक तकनीक की मदद से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर उनके चालान ऑनलाइन भेजे जाएंगे।


टिहरी जनपद के पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी संबंधित राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे साइलेंसर निकली बाइक को उत्तराखंड के लिए रवाना न करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी है, लेकिन धार्मिक आस्था के नाम पर कानून का उल्लंघन और ध्वनि प्रदूषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



पुलिस ने कांवड़ियों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।


