

रिपोर्ट – नदीम परवेज़

धारचूला (पिथौरागढ़)।
गरतोली गांव को धारचूला से जोड़ने वाला एकमात्र लकड़ी का पुल तेज बारिश के बाद आए उफनते नाले की भेंट चढ़ गया।


पुल टूटने से करीब 10,000 की आबादी प्रभावित हो गई है, जो अब पूरी तरह से मुख्य सड़क और अन्य सुविधाओं से कट गई है। यह पुल ही ग्रामीणों के लिए बाहरी दुनिया से संपर्क का एकमात्र जरिया था।



घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी धारचूला जितेंद्र वर्मा ने तहसीलदार दमन राना को मौके पर भेजा। मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। इसके बाद क्षेत्रीय प्रतिनिधि नर्मदा रावल ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन पर बार-बार आश्वासन देने और कोई स्थायी समाधान न निकालने का आरोप लगाया। इस बार ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

इस संबंध में राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अस्थायी रूप से ट्रॉली की व्यवस्था जल्द की जाएगी ताकि आवागमन फिर से बहाल हो सके।

प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई, बीमारों का इलाज, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति और रोजमर्रा की गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस बार सिर्फ अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण किया जाए।




