


खटीमा (उधम सिंह नगर)

रिपोर्ट= अशोक सरकार

विकास खंड खटीमा के ग्राम सूनपहर और मेहरवान नगर के ग्रामीणों ने अपनी भूमिधरी भूमि के मुआवजे को लेकर उपजिलाधिकारी (SDM) तुषार सैनी को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी रजिस्ट्रीकृत भूमि मझोला-सितारगंज नेशनल हाईवे परियोजना में कट रही है, लेकिन अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।



ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों द्वारा दबाव बनाकर उन्हें जमीन दाननामे के रूप में देने को मजबूर किया जा रहा है, जबकि वे अपनी वैध, रजिस्टर्ड जमीन को दान में देने को तैयार नहीं हैं।




इस दौरान ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि, “हमारी जमीनें एनएच निर्माण कार्य में ली जा रही हैं, लेकिन इसके बदले हमें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उल्टा ठेकेदार हमसे जबरन दाननामा करने की बात कह रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।”

इस पर खटीमा SDM तुषार सैनी ने आश्वस्त किया कि,

“इस मामले में एनएच विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। भूमि संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और न्यायोचित मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।”

ग्रामीणों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी जबरदस्ती की पुनरावृत्ति न होने देने, और भूमि अधिग्रहण की पूरी पारदर्शिता से जांच कराने की मांग की है।


मुख्य मांगें:
- मुआवजे की स्पष्ट प्रक्रिया लागू हो
- दाननामा के दबाव की जांच हो
- रजिस्टर्ड भूमि की वैधता के आधार पर भुगतान किया जाए
- भविष्य में ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए


