


देहरादून

सचिन कुमार

पंचायत चुनावों को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक को बरकरार रखा है। मंगलवार को राज्य सरकार ने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, लेकिन खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए बुधवार दोपहर का समय तय किया है।



इस बीच, राज्य सरकार और भाजपा संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मंशा जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने की है। सरकार का कहना है कि वह न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह से पालन करेगी और अग्रिम निर्देशों के अनुरूप ही चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।


क्या है मामला?
राज्य में पंचायत चुनावों की घोषणा के कुछ ही दिन बाद आरक्षण व्यवस्था को लेकर कुछ आपत्तियां न्यायालय में दाखिल की गई थीं।

इन्हीं याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आरक्षण नियमावली अधिसूचना के अभाव में चुनाव प्रक्रिया पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी।



सरकार की स्थिति
सरकार ने अब आरक्षण से संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और चुनाव को लेकर विधिक अनुमति मांग रही है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि न्यायालय की रोक के बावजूद वह चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए विधिक और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह तैयार है।


भाजपा संगठन की प्रतिक्रिया
भाजपा संगठन ने कहा:
“सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। न्यायालय का जो भी आदेश आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।”


