उत्तराखंड की कई फार्मा कंपनियों की दवाएं फेल, CDSCO की जून रिपोर्ट में खुलासा

उत्तराखंड की कई फार्मा कंपनियों की दवाएं फेल, CDSCO की जून रिपोर्ट में खुलासा

देहरादून

सचिन कुमार

उत्तराखंड के फार्मा सेक्टर को एक बार फिर गंभीर झटका लगा है। केंद्रीय औषधि गुणवत्ता नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जून माह के लिए जारी की गई

दवा सैंपल रिपोर्ट में राज्य की कई प्रमुख फार्मा कंपनियों की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर असफल पाई गई हैं। अब इन कंपनियों की दवाओं की आपूर्ति पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।

सीडीएससीओ की रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून के सेलाकुई, हरिद्वार, रुड़की और भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कई कंपनियों की दवाओं के सैंपल जांच में फेल हुए हैं। इन कंपनियों में प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • कॉपर फार्मास्युटिकल, सेलाकुई
  • रिवना फार्मुलेशन, हरिद्वार
  • प्रोचैम फार्मास्युटिकल, रुड़की
  • हेलैक्स हेल्थ केयर, रुड़की
  • लाइफ मैक्स कैंसर लैबोरेट्री, हरिद्वार
  • मलिका लाइफ साइंस, हरिद्वार
  • जेनटिक फार्मास्युटिकल, हरिद्वार
  • बजाय न्यूट्रास्युटिकल, भगवानपुर

राज्य औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि,

“CDSCO हर महीने देशभर से दवा सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए केंद्रीय और राज्य प्रयोगशालाओं में भेजता है। फेल रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

अगला कदम क्या होगा?

  • जिन कंपनियों की दवाएं फेल हुई हैं, उनकी आपूर्ति पर रोक लगाई जाएगी।
  • आवश्यक होने पर प्रोडक्शन बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
  • दोहराव की स्थिति में कंपनियों का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।

जनस्वास्थ्य पर असर

दवाओं की गुणवत्ता में इस प्रकार की चूक से मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे फार्मा इंडस्ट्री की साख को भी नुकसान पहुंचता है।

राज्य सरकार और औषधि नियंत्रक विभाग से अब अपेक्षा है कि कड़ी निगरानी, औचक निरीक्षण और पारदर्शी रिपोर्टिंग के जरिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके, जिससे जनता को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं मिलती रहें।