


देहरादून – सचिन कुमार

फाइनेंस कमीशन और नीति आयोग के सामने रखी मांग, बोले—जनसंख्या नहीं, सेवा भार के आधार पर मिले सहयोग

देहरादून, 12 जून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य की भौगोलिक और धार्मिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं,

बल्कि राज्य पर पड़ने वाले वास्तविक भार के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए।



मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने यह मांग हाल ही में उत्तराखंड आए 16वें वित्त आयोग (Finance Commission) के समक्ष भी रखी थी। इसके साथ ही यह मुद्दा नीति आयोग के समक्ष भी उठाया गया, जहां से उन्हें सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं।

धामी ने कहा कि

“उत्तराखंड एक पहाड़ी और धार्मिक राज्य है, जिसे ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता है। यहां स्थित बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री जैसे चारधाम, कैंची धाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर हर साल करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। यह संख्या राज्य की स्थायी जनसंख्या से कई गुना अधिक है, जिसका सीधा भार प्रशासन, संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर पड़ता है।”


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह राज्य पर पड़ने वाले ‘सेवा भार’ (Service Burden) को देखते हुए अनुदान और सहायता प्रदान करे।


उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार के स्तर पर अब इस दृष्टिकोण को गंभीरता से समझा जा रहा है, और आने वाले समय में उत्तराखंड को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।



