हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन, पत्रकारों की समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन, पत्रकारों की समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा

स्थान : खटीमा (उधम सिंह नगर)
रिपोर्ट ; अशोक सरकार

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर स्थानीय पत्रकारों द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सभी प्रमुख पत्रकारों ने एकजुट होकर भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के मूल्यों, चुनौतियों और वर्तमान स्थिति पर मंथन करना रहा।

मुख्य अतिथि के रूप में बरेली से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार शंभुनाथ बाजपेई, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. बिपिन चंद्रा ने अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

पत्रकारिता की बदलती दिशा पर चर्चा
गोष्ठी में राजेश छावड़ा और खड़क सिंह गैंडा ने अपने अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता की बदलती दिशा और ज़मीनी पत्रकारों के संघर्ष पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता को न सिर्फ़ तकनीकी बल्कि वैचारिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

पत्रकारों की समस्याओं पर मंथन
कार्यक्रम में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, वेतन, शोषण और स्वतंत्र अभिव्यक्ति जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना समाज की ज़िम्मेदारी है।

उपस्थित रहे प्रमुख पत्रकार और पदाधिकारी
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार गुप्ता, जितेंद्र पारुथि, अरशद जावेद, सुरेंद्र गुप्ता, हरीश मेहरा, वैभव गुप्ता, अनीस अहमद, नवीन जोशी,
पत्रकार प्रेस परिषद के नगर अध्यक्ष अशोक सरकार, प्रेस क्लब अध्यक्ष हरि नारायण अग्रवाल, सुंदर बहादुर, अजय गुप्ता, गणेश पुजारा, गुड्डू खान,
माया शंकर, ईश्वर सिंह, टोनी वर्मा, सलीम, राहुल गुप्ता, दीपक यादव, आमिर अंसारी, अनुज शर्मा, असद जावेद सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

निष्कर्ष में हुई एकता की अपील
गोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि पत्रकार समुदाय को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद करनी चाहिए और हिंदी पत्रकारिता की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखना चाहिए।