खिड़ा-खुजरानी सड़क बनी ग्रामीण विकास की जीवनरेखा, सामाजिक-आर्थिक उन्नति की नई कहानी

खिड़ा-खुजरानी सड़क बनी ग्रामीण विकास की जीवनरेखा, सामाजिक-आर्थिक उन्नति की नई कहानी

रिपोर्ट : संजय जोशी
स्थान : रानीखेत

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बनी खिड़ा से खुजरानी सड़क आज ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि संपर्क, समृद्धि और संभावना का माध्यम बन चुकी है। यह 18.4 किलोमीटर लंबी सड़क जनपद अल्मोड़ा के चौखुटिया विकासखंड के खीड़ा, गोदी, बगड़ी, छितार और खुजरानी जैसे दूरस्थ गांवों को चौखुटिया बाजार और बछुवाबाण (चमोली) से जोड़ती है, जिससे ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव आ रहे हैं।

571 की आबादी वाले खुजरानी गांव को मिला मुख्यधारा से जुड़ाव

इस मोटर मार्ग से खुजरानी गांव की 571 की आबादी को अब स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और कृषि सुविधाएं आसानी से सुलभ हो रही हैं। पहले जहां ग्रामीणों को 10 किलोमीटर या उससे अधिक पैदल सफर करना पड़ता था, अब वहां पर वाहन सुविधा सीधे गांव तक पहुंच रही है।

अधिशासी अभियंता ने बताया – बढ़ा है ग्रामीणों का आत्मविश्वास

पीएमजीएसवाई द्वाराहाट के अधिशासी अभियंता के अनुसार, सड़क न केवल भौगोलिक दूरी को घटाने में सहायक बनी, बल्कि इसने ग्रामीणों की आय और जीवन स्तर को भी ऊंचा किया है। किसान अब अपने सब्जी, फल, अनाज जैसे उत्पाद बाजार तक आसानी से पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों की निर्भरता कम हुई है।

महिलाओं और युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर

इस सड़क के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री, ट्रांसपोर्ट, छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी लोगों ने कदम बढ़ाया है। इससे गांवों की सामाजिक-सांस्कृतिक सक्रियता में भी इजाफा हुआ है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच

सड़क बनने के बाद अब गांवों के बच्चे नजदीकी स्कूलों और कॉलेजों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं, और आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सा सेवाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं। यह सड़क अब ग्राम विकास के हर पहलू को छू रही है — चाहे वह कृषि हो, स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो या रोजगार।

निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी खिड़ा-खुजरानी सड़क ग्राम विकास का उदाहरण बनकर उभरी है। यह साबित करता है कि एक मजबूत संपर्क व्यवस्था कैसे ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।