


स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की पहल पर “विकसित भारत संकल्प यात्रा” का गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र लोहाघाट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी व विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. गणेश सिंह खाती ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद तीन कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर गांवों की ओर रवाना किया गया।


विधायक अधिकारी ने इस अभियान को किसानों की आय बढ़ाने और पलायन रोकने की दिशा में केंद्र सरकार का सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यान, पशुपालन व अन्य विभागों के विशेषज्ञ गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो।



किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर
सीडीओ डॉ. गणेश सिंह खाती ने कहा कि यह यात्रा क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचने और उन्हें लाभ देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। किसानों को गांवों में जाकर वैज्ञानिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन व डेयरी उद्योग से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।


15 दिन में 135 गांवों की यात्रा, 5 हजार किसानों को लाभ
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दीपाली पांडे, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र लोहाघाट ने बताया कि यह यात्रा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि तीन कृषि रथों के माध्यम से 15 दिनों में 135 गांवों में पहुंचकर लगभग 5 हजार किसानों को जागरूक किया जाएगा।

डॉ. दीपाली ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को आधुनिक कृषि, मत्स्य पालन, डेयरी और कुक्कुट पालन जैसी आजीविका से जोड़कर उनकी आय और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इस दौरान किसानों को खरीफ की खेती की जानकारी दी गई और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा बीजों का वितरण भी किया गया।



कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारी और किसान
इस अवसर पर जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, एपीडी विम्मी जोशी, जिला कृषि अधिकारी धनपत राय, कृषि अधिकारी हिमांशु जोशी, जिला उद्यान अधिकारी, मत्स्य अधिकारी कुंवर सिंह बगड़वाल, कविराज मोनी, किसान रघुवर दत्त मुरारी, रमेश चंद्र खर्कवाल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।


किसानों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे “दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान” बताया और अधिक से अधिक किसानों से इसका लाभ उठाने की अपील की।



