


स्थान : हरिद्वार


संतनगरी हरिद्वार से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटी और दामाद ने मिलकर अपने ही सेवानिवृत्त पिता के बैंक खातों से फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से 1.10 करोड़ रुपये की बड़ी रकम निकाल ली। इस संबंध में पीड़ित ने रानीपुर कोतवाली में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


पिता ने बताई आपबीती
मामला महेश महाराज कॉलोनी निवासी दयानंद, सेवानिवृत्त भेल कर्मचारी का है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके दो बैंक खातों में—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रानीपुर शाखा में 93 लाख और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) आर्यनगर ज्वालापुर शाखा में 20 लाख रुपये जमा थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शोभा शर्मा और दामाद आशुतोष शर्मा (निवासी शिवालिकनगर, रानीपुर) ने एलआईसी और म्यूचुअल फंड में निवेश करने का झांसा देकर उनसे चेकों पर हस्ताक्षर करवाए।


फर्जी साइन और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप
दयानंद का आरोप है कि उनके दामाद ने बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग 90 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद संयुक्त खाते का दुरुपयोग कर शेष 20 लाख रुपये भी बेटी ने निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, इस बड़ी रकम की न तो कोई एलआईसी रसीद दी गई और न ही कोई निवेश से संबंधित दस्तावेज।


पैसों की जरूरत पर खुला धोखाधड़ी का राज
दयानंद ने बताया कि जब उनकी पत्नी की तबीयत खराब हुई और इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने पासबुक और चेकबुक मांगी। मगर उनके दामाद ने यह कहकर टाल दिया कि वे उसके पास हैं। जब कई बार मांगने पर भी दस्तावेज नहीं दिए गए तो वह स्वयं बैंक जाकर खाता विवरण देखने पहुंचे, जहां 1.10 करोड़ रुपये की निकासी देखकर वह स्तब्ध रह गए।

पुलिस जांच शुरू, मामला गंभीर
रानीपुर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। बैंक से संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।


“बेटी-दामाद से ऐसी उम्मीद नहीं थी..अब सिर्फ न्याय चाहिए।” – पीड़ित दयानंद, सेवानिवृत्त भेल कर्मचारी

“मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।” – रानीपुर कोतवाली पुलिस


