


स्थान : देहरादून
रिपोर्ट : सचिन कुमार


उत्तराखंड में इस वर्ष 30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा 2025 में तीर्थयात्रियों की संख्या में बीते वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यात्रा के पहले सप्ताह में 26 प्रतिशत की कमी देखी गई है। जहां पिछले साल 2024 के पहले सप्ताह में लगभग 3.9 लाख तीर्थयात्री पहुंचे थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा करीब 2.9 लाख तक ही पहुंच सका। यानी करीब 1 लाख श्रद्धालु कम आए हैं।



सुरक्षा को लेकर आशंका, पर्यटन पर असर
प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने तीर्थयात्रियों की संख्या में आई इस गिरावट को लेकर कहा कि हाल ही में कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुई आतंकी घटना का मनोवैज्ञानिक असर उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि केवल चारधाम ही नहीं, बल्कि मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में कमी देखी गई है।



गर्मी बढ़ने के साथ संख्या में वृद्धि की उम्मीद
मंत्री सतपाल महाराज ने यह भी कहा कि अभी मैदानी इलाकों में गर्मी चरम पर नहीं पहुंची है। जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा, वैसे-वैसे श्रद्धालु और पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों और चारधाम यात्रा की ओर रुख करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले हफ्तों में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।



व्यवस्थाएं पूरी, प्रशासन सतर्क
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। प्रशासन सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आपातकालीन सेवाओं के लिए पूरी तरह से सतर्क और तैयार है। सरकार श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि वे बिना किसी डर के यात्रा करें और सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराएं।


चारधाम यात्रा की स्थिति (पहला सप्ताह 2025):

- 2024 तीर्थयात्री: 3.9 लाख
- 2025 तीर्थयात्री: 2.9 लाख
- कमी: लगभग 1 लाख (26%)
“श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल्द ही यात्रा रफ्तार पकड़ेगी।” – सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री उत्तराखंड



