

रिपोर्टर नाम-: आसिफ इक़बाल
लोकेशन-: रामनगर

उत्तर प्रदेश के चिड़ियाघर में बाघिन की मौत के बाद देशभर में वन्यजीव अभयारण्यों को सतर्क किया गया

रामनगर, 17 मई।
उत्तर प्रदेश के एक चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू के कारण बाघिन सहित कई मांसाहारी वन्यजीवों की मौत के बाद देशभर के वन्यजीव अभयारण्यों और टाइगर रिजर्व्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी कड़ी में विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में भी वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।




कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के एक चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू वायरस न केवल पक्षियों तक सीमित रहा, बल्कि यह बाघ और गुलदार जैसे मांसाहारी वन्यजीवों में भी फैल गया, जिससे कई जानवरों की मृत्यु हो चुकी है। यही कारण है कि कॉर्बेट रिजर्व में एहतियातन विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


ढेला रेस्क्यू सेंटर पर विशेष निगरानी
कॉर्बेट रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों, जहां रेस्क्यू किए गए मांसाहारी जानवर रखे जाते हैं, पर हाई लेवल सेनेटरी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं।

अब जब भी कोई कर्मचारी जानवरों के संपर्क में आएगा, उसे पीपीई किट, मास्क और दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी प्रवेश द्वारों पर पोटैशियम परमैगनेट युक्त सैनिटाइजिंग फुट डिप लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोका जा सके।


निगरानी और सावधानी की व्यापक व्यवस्था
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को पूरे क्षेत्र की निगरानी और नियंत्रण का विशेष जिम्मा सौंपा गया है। सभी वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी प्रवासी पक्षी या स्थायी वन्यजीव में न्युमोनिया जैसे लक्षण या असामान्य व्यवहार दिखाई दे, तो तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए।

डॉ. बडोला ने बताया कि यह वायरस पक्षियों से मांसाहारी वन्यजीवों में फैल सकता है, इसलिए प्रवासी पक्षियों की विशेष निगरानी की जा रही है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि यदि वे किसी बीमार पक्षी या जानवर को देखें, तो तुरंत पार्क प्रशासन को सूचित करें और संक्रमित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।


अब तक कोई संक्रमण नहीं, लेकिन एहतियात बरकरार
फिलहाल, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में किसी भी वन्यजीव में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं, लेकिन वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। यह कदम जंगल के राजा बाघ समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।



