

जेके टायर फैक्ट्री के सामने चल रहे कर्मचारियों के धरने की स्थिति पर आधारित है। प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए धरने को हटवा दिया, जिसके बाद आंदोलित कर्मचारी तहसील मुख्यालय पर धरना देने के लिए एकत्रित हो गए। इस धरने में किसान यूनियन पटेल गुट के अध्यक्ष कीरत सिंह और पथिक जन शक्ति पार्टी के अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ने भी पहुँचकर कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया।


आंदोलित कर्मचारियों और समर्थन देने वाले नेताओं ने फैक्ट्री प्रबंधन पर हिटलर शाही रवैया अपनाने और कर्मचारियों के साथ अत्याचार करने के आरोप लगाए। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासन पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की।


दोनों यूनियन अध्यक्षों और कर्मचारियों ने यह चेतावनी दी कि यदि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा नियमानुसार तीन वार्षिक वेतन वृद्धि और टर्मिनेट किए गए तीन कर्मचारियों की बहाली नहीं की जाती, तो 7 अप्रैल को महापंचायत आयोजित की जाएगी।


इसके बाद, यदि फिर भी कोई समाधान नहीं निकला तो वे फैक्ट्री के अंदर घुसकर अधिकारियों को बाहर निकालकर खुद फैक्ट्री का संचालन करेंगे।


यह स्थिति आगामी दिनों में और भी गंभीर हो सकती है, और फैक्ट्री प्रबंधन के लिए इसे सुलझाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


