आंखों में खटकती थी पत्नी, पहले कराया 25 लाख का बीमा, फिर रची ऐसी साजिश कि चक्कर खा गई पुलिस

आंखों में खटकती थी पत्नी, पहले कराया 25 लाख का बीमा, फिर रची ऐसी साजिश कि चक्कर खा गई पुलिस

रुद्रपुर

उत्तराखंड के रुद्रपुर में पुलिस ने ऐसी हत्या का खुलासा किया है जिसमें आरोपी पति ने पहले पत्नी का 25 लाख का बीमा कराया. इसके करीब 1 महीने बाद ही सांप का जहर देकर उसे मौत के घाट उतार दिया.

लेकिन 1 मामूली गलती ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया. मामला उत्तराखंड के उद्धम सिंह नगर जिले में आने वाले जसपुर क्षेत्र का है. यहां पुलिस एक हत्या की आशंका में मामले की करीब 1 साल तक जांच की और हत्या की साजिश का भांडाफोड़ कर दिया

जसपुर में रहने वाले शुभम की करीब 12 साल पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुकरझुंडी गांव में रहने वाली सलोनी से शादी हुई थी. बीते 4 साल से दोनों के बीच काफी झगड़ा होने लगा. सलोनी और उसके परिजनों ने आरोप लगाए कि शुभम का दूसरी महिलाओं के साथ अफेयर है. साथ ही मार-पीट और मानसिक प्रताड़ने की भी बातें कहीं.

यहां तक कि सलोनी की बहन ने तलाक की भी मांग की. लेकिन सारेघरवालों ने कई बार सामूहिक रूप से इसको लेकर चर्चा की. फिर भी कहानी पटरी पर नहीं आई और दोनों की लड़ाई बनी रही. 15 जुलाई को शुभम ने अपनी पत्नी सलोनी के नाम पर 25 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी ली, जिसके लिए 2 लाख रुपयों का प्रीमियम भरा. साथ ही इस पॉलिसी के नॉमिनी में खुद का नाम डलवाया. इसके बाद 11 अगस्त को अपने किसी परिचित से सांप बुलवाया और सलोनी को कटवाकर उसे मार डाला

पुलिस को जब इस मामले की खबर मिली तो उन्हें सामान्य मौत का मामला लगा. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में जहर मिलने की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस मामले का खुलासा कर दिया. पुलिस को भी आरोपी शुभम की 1 मामूली गलती नजर आ गई. शुभम ने पॉलिसी लेने के 1 महीने बाद ही अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया. जब पुलिस की जांच की सुई इधर घूमी तब खुलासे हुए.

जसपुर SHO हरेंद्र चौधरी ने एक मीडिया सहयोगी से बात करते हुए बताया, ‘हमने शुरुआत में ये मामला संदिग्ध मौत की तरह दर्ज किया था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांप के जहर मिलने की बात सामने आई.’ शुभम को पुलिस ने शुभम और उसके माता-पिता के साथ 1 अन्य पर धारा BNS 103 (1) के तहत सलोनी की हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच अभी जारी है.