अल्मोड़ा में पलायन रोकथाम योजना पर प्रशासन सख्त, 78 गांवों में विकास कार्य तेज करने के निर्देश

अल्मोड़ा में पलायन रोकथाम योजना पर प्रशासन सख्त, 78 गांवों में विकास कार्य तेज करने के निर्देश

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : अल्मोड़ा

अल्मोड़ा जिले में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में पलायन प्रभावित गांवों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ही लोगों को स्थायी रोजगार और बेहतर जीवन-यापन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग द्वारा जनपद अल्मोड़ा के 8 विकासखंडों के कुल 78 गांवों को पलायन प्रभावित के रूप में चिन्हित किया गया है। इन गांवों में पलायन की समस्या को रोकने के लिए विभागवार योजनाएं तैयार की गई हैं।

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और पलायन की प्रवृत्ति को कम करना है, ताकि गांवों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत हो सकें।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए और कार्यों को परिणाम आधारित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार योजनाओं में आवश्यक सुधार भी किए जाएं।

प्रशासन का मानना है कि यदि योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं तो अल्मोड़ा के इन गांवों में पलायन की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।