

उत्तराखंड


उत्तराखंड के अंकित भारती ने लद्दाख क्षेत्र के मारखा घाटी में स्थित कांग्यात्से-1 और कांग्यात्से-2 चोटियों को फतेह कर इतिहास रच दिया है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद उन्होंने 6400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कांग्यात्से-1 और 6250 मीटर पर स्थित कांग्यात्से-2 में चढ़कर तिरंगा लहराया। अंकित छह दिन में दोनों दुर्गम चोटियों को फतह करने वाले पहले पर्वतारोही बन गए हैं


- लद्दाख स्थित 6400 मीटर ऊंची चोटियों पर प्रतिकूल मौसम के दौरान चढ़े अंकित
- माउंट क्लिमिंजरो पर लहरा चुके हैं राष्ट्रध्वज
माउंट कांग्यात्से के रोहण के लिए उन्हें खेल विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा ने फ्लैग आफ कर शुभकामनाएं दी थी। अंकित ने बताया कि उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत 14 अगस्त को लेह से समिट कैंप के लिए की। 17 अगस्त की सुबह सात बजे बेस समिट कैंप से उन्होंने कांग्यात्से-1 में चढ़ने के लिए चढ़ाई शुरू की। भारी बर्फबारी के बावजूद चार घंटे में वह कांग्यात्से-1 पीक पर पहुंच गए।


18 अगस्त को सुबह 8:15 बजे उन्होंने समिट कैंप से कांग्यात्से-2 के लिए चढ़ाई शुरू की और दोपहर 1:20 बजे उन्होंने इस चोटी पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अभियान की विशेषता यह रही कि छह दिन में वह दोनों दुर्गम चोटियों को फतह करने वाले प्रथम पर्वतारोही बने।



