शिक्षा के खोखले वादों की खुली पोल नोनिहालो के भविष्य से खिलवाड़।

शिक्षा के खोखले वादों की खुली पोल नोनिहालो के भविष्य से खिलवाड़।

स्थान: रामनगर, उत्तराखंड
संवाददाता: सलीम अहमद साहिल

रामनगर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र तुमड़िया डैम तृतीय का सरकारी प्राथमिक विद्यालय राम भरोसे चल रहा है बच्चे स्कूल आते हैं और खेलकूद कर चले जाते हैं। क्योंकि स्कूल में पढ़ाने के लिए एक भी अध्यापक नहीं और जिम्मेदार अधिकारी हैं की शुद्ध लेने को तैयार नहीं है। देखीये हमारी एक खास रिपोर्ट

टीचरों के बिना संचालित होता अनोखा प्राथमिक विद्यालय।

भोजन माता लगती है नौनिहालों की क्लास

कैसे रुकेगा अंधकार में जाता नोनिहालो का भविष्य

विद्यालय में नहीं है शिक्षक

खतरे में नोनीहालों का भविष्य

राम भरोसे सरकारी स्कूल

प्रशासन है कि सुध लेने को तैयार नहीं

सर्व शिक्षा अभियान के नाम पर खोखले वादे।

विओ : अपनी टीवी स्क्रीन पर आप जो तस्वीर देख रहे हैं ये जनपद नैनीताल रामनगर के ग्रामीण क्षेत्र तुमड़िया डैम तृतीय कि हैं। दीवारों पर स्लोगन ऐसे लिखे हैं जिनको पढ़कर आपका मन खुश हो जाय लेकिन ये दीवारों पर लिखे स्लोगन जमीन हकीकत से कोसो दूर नजर आतेहै। हकीकत ये है कि इस राजकीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा राम भरोसे चल रही है ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि यहां दो दिन से कोई भी अध्यापक बच्चों को पढ़ना नहीं आया और काफी लंबे समय से एक ही टीचर्स कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों को एक ही क्लास के अंदर शिक्षा दे रही हैं, जिसकी शुद्ध लेने वाला कोई नहीं हैं सुबह बच्चे आते हैं दिन भर खेलकूद कर चले जाते हैं और स्कूल में भोजन की व्यवस्था करने वाली भजन माता ही स्कूल की देखरेख कर रही है और हाथ में छड़ लेकर बच्चों को भी कंट्रोल करती हैं अपनी योग्यता के अनुसार बच्चों को शिक्षा दे रही है और बच्चों की क्लासे भी ले रही है लेकिन कोई भी हुक्मरान इस सरकारी स्कूल की और देखने को तैयार नहीं। अभिभावकों में आक्रोश बना हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों से बार-बार अध्यापकों की मांग करने के बावजूद भी उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं राज्य सरकार और अधिकारी बच्चो के भविष्य को लेकर भले ही बड़ी बड़ी बाते करते हो और शिक्षा आधुनिक ओर हाइटेक बनाने की ताल ठोकते हो लेकिन धरातल की हकीकत बया करने के लिए ये तस्वीर काफी हैं।

विओ : शिक्षा के मंदिर में देश के भविष्य का भविष्य ही अंधकार में डाला जा रहा है ना सरकार शुद्ध ले रही है ना ही जिम्मेदार अधिकारी शुद्ध लेने को तैयार है। क्या कुछ कहा स्कूल के नोनीहालों ने और भोजन माता ने आप ही सुनिए उनकी जुबनी

विओ : ग्रामीण लगातार शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। और लगातार उच्च स्तरीय अधिकारियों के मामला संज्ञान में डाल रहे हैं मीडिया का कैमरा भी स्कूल तक पहुंच गया लेकिन दफ्तर में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों के कानों तक मामला पहुंचा ही नहीं जब मीडिया ने सवाल किया तो खण्ड शिक्षा अधिकारी हवलदार प्रसाद ….. कहां की मामला हमारे संज्ञान में नहीं था।

यह हाल बस तुमड़िया डैम के एक स्कूल का नहीं बल्कि प्रदेश में कई स्कूलों का हाल है जहां एक शिक्षक के भरोसे ही पूरा स्कूल छोड़ दिया जाता है। प्रदेश में ऐसे कहीं स्कूल है जहां बच्चे आते हैं और खेल कूद कर चले जाते हैं। प्रदेश के एक स्कूल का हाल तो जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में मीडिया ने डाल दिया है बस अब देखने वाली बात होगी की जिम्मेदार अधिकारी इस पर किस तरीके की कार्रवाई अमल में लाते हैं और बच्चों के भविष्य को संभालने के लिए क्या कदम उठाते हैं।