

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


नैनीताल में आगामी विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज जन्मोत्सव मेले और भंडारा कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी की अध्यक्षता में हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


यह बैठक बुधवार की रात्रि को आयोजित हुई, जिसमें 15 जून 2026 को होने वाले कैंची धाम मेले की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेला क्षेत्र और उसके संपर्क मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना लागू की जाए। वाहनों के डायवर्जन और रोकने वाले स्थानों पर स्लाइड बैरियर, संकेतक बोर्ड और सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।

इसके अलावा अग्निशमन विभाग, एटीएस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग और सड़क किनारे बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों को हटाने के लिए भी सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही निर्बाध रहे।

भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और यातायात पुलिस की तैनाती की जाएगी। साथ ही विशेष मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।


सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA सिस्टम) के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों, शटल सेवा केंद्रों और प्रमुख चौराहों पर पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां लोगों को आवश्यक जानकारी और मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
सोशल मीडिया और साइबर सेल को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना को समय रहते रोका जा सके और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, फायर सर्विस और राहत दलों के साथ समन्वय बनाकर मजबूत कार्ययोजना तैयार रखने को कहा गया है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।

