


रिपोर्टर जसवीर सिंह

स्थान – लक्सर

लगातार हो रही बारिश से गंगा व सोलानी नदी उफान पर हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान (293 मीटर) के एकदम करीब पहुंच गया है। पानी बढ़ने से गंगा के आसपास के खेतों में फसल जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी भर गया है। पानी बढ़ने से प्रशासन भी एलर्ट हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है। हरिद्वार में भी दो दिन के भीतर अच्छी बारिश हो चुकी है। बरसात के कारण गंगा और सोलानी नदियां उफान पर हैं। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रविवार दोपहर को गंगा नदी में पानी का लेवल 292.80 मीटर तक पहुंच गया। रकम सिंह, महेंद्र पाल शर्मा, बाबूराम, वेदपाल आदि किसानों ने बताया कि गंगा नदी में पहाड़ों का मटमैला पानी आ रहा है। पानी से गंगा के किनारे के आसपास के खेतों में खड़ी धान, गन्ना और चारे की करीब डेढ़ हजार बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। बताया कि अगर एक सप्ताह के भीतर पानी न उतरा तो फसल खराब होने का खतरा है। उधर, कलसिया, बालावाली, डुमनपुरी, पंडितपुरी सहित कई गांवों के संपर्क मार्गों पर भी एक से डेढ़ फुट पानी भर गया है। हालांकि पानी कम होने के कारण गांवों में ग्रामीणों की आवाजाही पर असर नहीं पड़ा है। प्रशासन ने गंगा व सोलानी के आसपास के तीस गांवों को एलर्ट कर दिया है।


इन गांवों को किया गया है एलर्ट
ढाढेकी, मौहम्मदपुर, मथाना, सहीपुर, याहियापुर, हस्तमौली, बहादराबाद, सोंपरी, गंगदासपुर, बालावाली, गिद्धावाली, डुमनपुरी, पंडितपुरी, ढाढेकी, मथाना, कुंआखेड़ा, मौहम्मदपुर, हस्तमौली, याहियापुर, आलमपुरा, माड़ाबेला, शेरपुर बेला, दल्लावाला, दाबकी खेड़ा, जोगावाला, चंद्रपुरी व नाईवाला आदि।
पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या


नदियों के आसपास के खेतों में पानी भरने से पालतु पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या हो रही है। सुरेंद्र, कमल, नाथीराम ने बताया कि हरे चारे की फसल में पानी भर गया है। इससे पशुओं को हरियाली के बजाय सूखा भूसा ही खिलाना पड़ रहा है।
गंगा के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। अभी कहीं भी खतरे की संभावना नहीं है। फिर भी आपदा से निपटने के लिए तहसील प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।


