व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर सरकार की नजर, मांगा जवाब

व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर सरकार की नजर, मांगा जवाब

केंद्र सरकार व्हाट्सएप और टेलीग्राम की उपयोगकर्ता नाम आधारित मैसेजिंग सुविधाओं को लेकर मिले जवाबों की समीक्षा कर रही है। सरकार का कहना है कि यदि भविष्य में कोई नियामक व्यवस्था लागू की जाती है तो वह सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर समान रूप से लागू होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को साइबर सुरक्षा रिपोर्ट के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान बताया कि व्हाट्सएप की ओर से जवाब मिल चुका है और मंत्रालय उसकी जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि समीक्षा पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

सरकार ने इससे पहले व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस जारी कर उपयोगकर्ता नाम आधारित मैसेजिंग सुविधा को लेकर चिंता जताई थी। मंत्रालय का कहना है कि इस तरह की सुविधाओं का गलत इस्तेमाल पहचान चोरी, फिशिंग और डिजिटल ठगी जैसी साइबर अपराध की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है।

व्हाट्सएप ने अपने पक्ष में कहा है कि उपयोगकर्ता नाम सुविधा फोन नंबर का विकल्प नहीं होगी। कंपनी के अनुसार, सेवा का इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर की जरूरत बनी रहेगी, जबकि यूजरनेम एक अतिरिक्त गोपनीयता सुविधा के रूप में काम करेगा, जिससे लोग अपना नंबर साझा किए बिना संपर्क कर सकेंगे।

कंपनी ने बताया कि व्हाट्सएप पर यूजरनेम सुविधा धीरे-धीरे शुरू की जा रही है और इसे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। कंपनी का कहना है कि वह सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए इस फीचर को आगे बढ़ा रही है।

वहीं, टेलीग्राम पहले से ही यूजरनेम आधारित मैसेजिंग सुविधा उपलब्ध कराता है, जबकि भारत में व्हाट्सएप ने अभी तक इस सुविधा को पूरी तरह शुरू नहीं किया है। सरकार ने इन सेवाओं में मौजूद सुरक्षा उपायों का विस्तृत ब्योरा भी मांगा है।

अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार अलग-अलग ऐप के लिए अलग-अलग नियम बनाने के बजाय सभी मैसेजिंग सेवाओं के लिए समान मानक तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम बढ़ते साइबर अपराध और एआई आधारित डिजिटल हमलों की चुनौतियों को देखते हुए उठाया जा रहा है।