

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग और कई संवेदनशील स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। धमकी भरे ई-मेल के सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस की इंटेलिजेंस विंग और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मामले की जांच तेज कर दी है।


जानकारी के अनुसार हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई थी। धमकी भरे संदेश में केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का भी उल्लेख किया गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।



एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मसूरी एसडीएम कार्यालय में यह संदिग्ध ई-मेल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया और मामले की तकनीकी जांच शुरू की गई।


धमकी की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ की साइबर कमांडो टीम ने ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया। साइबर विशेषज्ञों ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए मेल की लोकेशन और प्रेषक की पहचान करने का प्रयास किया।
प्रारंभिक जांच में ई-मेल की लोकेशन उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को में पाई गई है। वहीं तकनीकी जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मेल भेजने वाला व्यक्ति कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका का निवासी हो सकता है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों के सहयोग से ई-मेल भेजने वाले की वास्तविक पहचान और उसके उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।


धमकी के बाद चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। पुलिस, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि आम नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।

