लोहाघाट में 29वें दिन भी धरने पर डटे बुजुर्ग चेतराम, आमरण अनशन की चेतावनी

लोहाघाट में 29वें दिन भी धरने पर डटे बुजुर्ग चेतराम, आमरण अनशन की चेतावनी

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोट

लोहाघाट लोक निर्माण विभाग कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे बुजुर्ग चेतराम 29वें दिन भी आंदोलन पर डटे रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे 3 जुलाई से आमरण अनशन शुरू करेंगे।

जानकारी के अनुसार, चेतराम अपने जीवन में अब तक 116वीं बार धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि वह लगभग 33 वर्षों से लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं हुआ।

चेतराम ने आरोप लगाया कि वर्ष 1993 में उन्हें लोक निर्माण विभाग लोहाघाट में मस्टरोल के तहत राजमिस्त्री के पद पर कार्य दिया गया था, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इसके बाद वर्ष 1995 में लोहाघाट महाविद्यालय के निर्माण कार्य के दौरान वह भवन की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में उनकी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका ऑपरेशन हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में कराया गया। इलाज में लगभग 6 लाख 18 हजार रुपये खर्च हुए, जिसके लिए उन्हें अपनी तीन नाली जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। बावजूद इसके उन्हें अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है।

बुजुर्ग चेतराम का कहना है कि जब तक उन्हें नौकरी और 1995 से अब तक का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बार-बार अनदेखी की जा रही है और उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आमरण अनशन के दौरान उन्हें कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की होगी। चेतराम ने दोहराया कि वह गरीब व्यक्ति हैं, इसलिए उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।

फिलहाल लोनिवि कार्यालय के बाहर उनका धरना लगातार जारी है, जो विभाग के लिए भी एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस लंबे समय से चले आ रहे मामले का समाधान कब तक निकाल पाता है।