

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोट


कर्णप्रयाग में हुई घटना के विरोध में पंजाब से उत्तराखंड पहुंचे निहंग सिखों के एक जत्थे ने गुरुवार देर रात विकासनगर-कुल्हाल बॉर्डर पर जमकर हंगामा किया। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर कई निहंग देहरादून में प्रवेश कर गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। देर रात तक चली समझाइश के बाद करीब 20 से 25 निहंग वापस लौट गए, जबकि कुछ निहंगों के अभी भी देहरादून के गुरुद्वारों में मौजूद होने की सूचना है।


जानकारी के अनुसार, निहंग सिख कर्णप्रयाग हिंसा प्रकरण में गिरफ्तार चार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर उत्तराखंड पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें हिमाचल-उत्तराखंड सीमा स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन निहंगों का एक समूह बैरिकेड्स पर चढ़ गया और उन्हें हटाकर जबरन उत्तराखंड में प्रवेश कर गया।



पुलिस के अनुसार, इस दौरान कुछ निहंगों ने सीमा पर खड़े वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग तलवारें लहराते हुए भी दिखाई दिए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी मौके पर तैनात किए गए।


देहरादून पहुंचने के बाद कई निहंग रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे पहुंचे, जहां पहले से ही पुलिस ने सुरक्षा घेरा बना रखा था। पुलिस, स्थानीय प्रशासन और देहरादून गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रतिनिधियों ने लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत कर निहंगों को शांत कराया। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अधिकांश निहंग वापस लौटने के लिए तैयार हो गए।

पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। उस घटना में कथित तौर पर तलवारबाजी में कुछ लोग घायल हुए थे और पुलिस ने चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद नगरासू गुरुद्वारे में भी कई दिनों तक गतिरोध बना रहा, जो 23 जून को समाप्त हुआ। इसके बावजूद गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब से निहंगों का नया जत्था उत्तराखंड पहुंच गया।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।



