

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


चंपावत जिले के लोहाघाट नगर स्थित कालू सैय्यद बाबा की मजार पर आयोजित तीन दिवसीय उर्स के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला। शाम के समय कव्वाली की धुनों के बीच भव्य चादरपोशी जुलूस निकाला गया, जिसमें दूर-दूर से पहुंचे जायरीनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


चादरपोशी के इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की। यह आयोजन क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने वाला साबित हुआ।



मजार के मुतवल्ली बाबा हसमत के दौलतखाने से शुरू हुआ यह जुलूस स्टेशन बाजार, खड़ी बाजार, चौक बाजार और मीना बाजार से होकर कालू सैय्यद बाबा की मजार तक पहुंचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और जुलूस का स्वागत किया।


मजार पहुंचने पर जायरीनों ने चादरें चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगीं तथा क्षेत्र और देश में सुख-शांति, भाईचारे और अमन-चैन के लिए दुआएं कीं। मजार परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

उर्स में शामिल यूकेडी नेता प्रहलाद सिंह मेहता, लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा, उपाध्यक्ष राजकिशोर शाह और लोकेश पांडे सहित अन्य लोगों ने कहा कि यह उर्स हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस आयोजन में सभी समुदायों के लोग मिलकर भाग लेते हैं और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं।

मजार के मुतवल्ली बाबा हसमत ने बताया कि उर्स के दूसरे दिन चादरपोशी का जुलूस निकाला गया है। उन्होंने कहा कि रात में पूरनपुर से आए मशहूर कव्वाल शाहबाज जावेदी और उनकी टीम बाबा की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश करेंगे, जिसका श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि उर्स में शामिल होने के लिए दूर-दूर के क्षेत्रों से जायरीन पहुंचे हैं और अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना के साथ मजार पर चादरें चढ़ा रहे हैं। बाबा हसमत ने कहा कि रविवार को कुल शरीफ और प्रसाद वितरण के साथ तीन दिवसीय उर्स का विधिवत समापन किया जाएगा। चादरपोशी के जुलूस और उर्स के आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इसे यादगार बना दिया।

