2027 चुनाव से पहले भाजपा ने शुरू की नाराज नेताओं को मनाने की कवायद

2027 चुनाव से पहले भाजपा ने शुरू की नाराज नेताओं को मनाने की कवायद

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भाजपा ने संगठन और सरकार के भीतर नाराज नेताओं को मनाने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गदरपुर पहुंचे और भाजपा विधायक अरविंद पांडे के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित अरविंद पांडे के आवास पर पहुंचकर उनसे बंद कमरे में करीब 45 मिनट तक बातचीत की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। हालांकि बैठक के बाद दोनों नेताओं ने बातचीत के विषयों को सार्वजनिक नहीं किया।

गौरतलब है कि गदरपुर विधायक अरविंद पांडे पिछले काफी समय से अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर रुख अपनाते रहे हैं। वे कई बार सरकारी नीतियों और फैसलों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चाएं होती रही हैं।

हाल ही में जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर अरविंद पांडे ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था। इस मुद्दे को कांग्रेस ने भी जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर निशाना साधा था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई थी।

राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को भी अरविंद पांडे के आवास पहुंचना पड़ा था। सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी उनसे मुलाकात कर संगठनात्मक एकता का संदेश देने का प्रयास किया था।

मुख्यमंत्री धामी की मुलाकात के बाद अरविंद पांडे के तेवर कुछ नरम दिखाई दिए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरे को एक निजी कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उनके घर जन्मे जुड़वा पौत्र और पौत्री को आशीर्वाद देने आए थे और इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

अरविंद पांडे ने कहा कि भाजपा के सभी नेता संगठन और सरकार के हित में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता संघ और संगठन की विचारधारा से जुड़े हैं तथा वर्ष 2027 में भाजपा की डबल इंजन सरकार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री और विधायक की यह मुलाकात आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की संगठनात्मक रणनीति के तौर पर भी देखी जा रही है।