

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी


कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक कालू सैयद बाबा का 52वां उर्स समारोह कुरान ख्वानी के साथ विधिवत शुरू हो गया है। समारोह के प्रथम दिन बाबा की मजार पर कुरान पाठ किया गया, जबकि देर शाम धार्मिक तकरीरों का आयोजन हुआ। उर्स के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में आध्यात्मिक और उत्सवी माहौल देखने को मिल रहा है।


उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से जायरीन पहुंचने लगे हैं। कालू सैयद बाबा की मजार पर हर धर्म और समुदाय के लोगों की गहरी आस्था है, जिसके चलते यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने और चादर चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं।



बाबा की मजार से सुभाष चौक तक पूरे क्षेत्र को फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। उर्स मेले को लेकर स्थानीय और बाहरी व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। मेले में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।


खादिम मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि बुधवार रात्रि आठ बजे से कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कवि अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी जारी रहेगी।
गुरुवार को देर शाम नगरवासियों की ओर से सामूहिक चादर चढ़ाई जाएगी। शाम 6:30 बजे आयोजित होने वाली गिलाफ ख्वानी की रस्म के दौरान पूरे क्षेत्र की जनता बाबा की मजार पर चादर पेश कर अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ करेगी।

उर्स समारोह का मुख्य आकर्षण कव्वाली कार्यक्रम रहेगा। 12 जून की रात नौ बजे से देशभर से आए प्रसिद्ध कव्वाल अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। देर रात तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जायरीन और स्थानीय लोग शामिल होंगे।


उर्स को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु समारोह में शामिल होकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और कौमी एकता, प्रेम तथा भाईचारे का संदेश आगे बढ़ाएंगे।

