टांडा रेंज में मानसून पौधरोपण की तैयारियां तेज, 3 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

टांडा रेंज में मानसून पौधरोपण की तैयारियां तेज, 3 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

स्थान : लालकुआँ
ब्यरो रेपोर्ट

तराई केन्द्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में आगामी मानसून और हरेला पर्व को लेकर वन विभाग ने बड़े स्तर पर पौधरोपण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष रेंज की सभी नर्सरियों में स्थानीय प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक पौधे जीवित रह सकें और वन क्षेत्र को स्थायी रूप से हरा-भरा बनाया जा सके।

वन विभाग ने इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करते हुए लगभग 3 लाख से अधिक पौधों के रोपण की योजना बनाई है। इसके तहत करीब 130 एकड़ वन क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जाएगा, जिसकी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।

वन विभाग के अनुसार, पौधरोपण अभियान के दौरान विभिन्न बीटों में व्यापक स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे। इस बार विशेष रूप से स्थानीय और पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों पर जोर दिया जा रहा है, जिससे पौधों की जीवित रहने की दर बेहतर हो सके।

टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि पेड़-पौधे ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं और इनके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष टांडा रेंज के साथ-साथ डिवीजन की सभी रेंजों में युद्ध स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत यूकेलिप्टिस, जामुन, बेहड़ा, बरगद, पीपल सहित कई फलदार और जंगली प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जो वन्यजीवों के लिए भी उपयोगी होंगे। इसके साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वन विभाग ने इस अभियान में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पौधरोपण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पौधरोपण की शुरुआत हरेला पर्व से की जाएगी और यह अभियान पूरे मानसून सत्र तक लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को भी प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों में भी बड़े स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे। अंत में उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।