

स्थान : चमोली (हेमकुंड साहिब)
ब्यरो रेपोर्ट


चमोली जिले की उच्च हिमालयी लोकपाल घाटी में स्थित सिख धर्म के प्रमुख आस्था केंद्र श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा अब रफ्तार पकड़ने लगी है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और गोविंदघाट से लेकर गोविंदधाम तथा हेमकुंड साहिब तक पूरे आस्था पथ पर संगतों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।


श्रद्धालु सुबह तड़के ही “जो बोले सो निहाल” और “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के जयकारों के साथ कठिन और दुर्गम पैदल मार्ग को पार कर गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की पावन तपस्थली श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।



गुरुधाम में इन दिनों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। दूर-दराज के राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संगत श्री हेमकुंड साहिब पहुंच रही है। श्रद्धालु पवित्र हिम सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर अरदास में शामिल हो रहे हैं।


यात्रा के सुचारू संचालन और अनुकूल मौसम के चलते श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिल रही है। पूरी भ्यूंडार और लोकपाल घाटी में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। यात्रा में बढ़ती भीड़ से स्थानीय बाजारों और कारोबारियों में भी खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

कपाट खुलने के बाद से अब तक करीब 80 हजार श्रद्धालु श्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह दर्शाती है कि इस वर्ष यात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह बना हुआ है।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालु पूरी सुगमता के साथ धाम पहुंच रहे हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। गुरु प्रसाद लंगर सेवा निरंतर संचालित की जा रही है, वहीं गुरुद्वारे में ठहरने और अन्य सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध किया गया है। अनुकूल मौसम और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते यात्रा श्रद्धा, सेवा और उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है।

