खेतीखान स्मृति स्थल की धनराशि स्थानांतरित करने के विरोध में धरना छठे दिन भी जारी

खेतीखान स्मृति स्थल की धनराशि स्थानांतरित करने के विरोध में धरना छठे दिन भी जारी

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली चंपावत जिले के खेतीखान में प्रस्तावित स्मृति स्थल के निर्माण के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपये की धनराशि को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के विरोध में इंदिरा पार्क, खेतीखान में चल रहा सांकेतिक धरना शुक्रवार को छठे दिन भी शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से ठोस एवं लिखित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा के नेतृत्व में चल रहे इस धरना-प्रदर्शन में आज भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य सतीश पांडे भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर आंदोलनकारियों से धरना स्थगित करने का आग्रह किया। हालांकि आंदोलन में शामिल वरिष्ठजनों एवं क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट कहा कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

धरना स्थल पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक प्रशासन स्मृति स्थल के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि को पुनः उसी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य शुरू करने संबंधी स्पष्ट एवं लिखित आदेश जारी नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना-प्रदर्शन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागीदारी निभाई। विशेष रूप से 90 वर्षीय तुलसी देवी एवं 85 वर्षीय गंगा देवी की उपस्थिति ने आंदोलन को नई ऊर्जा, प्रेरणा और नैतिक बल प्रदान किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य ममता ओली सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने धरने में शामिल होकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

आंदोलनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली के सम्मान एवं क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपये की धनराशि को पुनः खेतीखान स्मृति स्थल के निर्माण हेतु आवंटित किया जाए तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जनहित से जुड़ा है। उनका कहना है कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध का आंदोलन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान, क्षेत्र की अस्मिता और जनभावनाओं की रक्षा के लिए चलाया जा रहा जनआंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।