

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

बाज़पुर स्थित सहकारी चीनी मिल में स्क्रैप की बिक्री के दौरान कथित घटतौली और करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद शनिवार को किसानों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और श्रमिकों ने संयुक्त रूप से चीनी मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।


जानकारी के अनुसार, स्थानीय विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को स्क्रैप बिक्री में अनियमितताओं की सूचना मिलने पर उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को निगरानी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नवदीप कंग अपने साथियों के साथ चीनी मिल से स्क्रैप लेकर निकल रहे एक 14 टायर ट्रक को रोकने पहुंचे। आरोप है कि ट्रक चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, जबकि उसके पास स्क्रैप से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी नहीं मिला।


इसके बाद ट्रक को किसान धर्म कांटे पर ले जाकर एसडीएम, चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक और मीडिया की मौजूदगी में दोबारा तौला गया। किसानों का दावा है कि मिल के रिकॉर्ड में ट्रक का वजन मात्र 63 कुंतल दर्ज था, जबकि धर्म कांटे पर उसका वजन 226 कुंतल निकला। इस अंतर ने कथित घटतौली के बड़े खेल का खुलासा कर दिया।


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्क्रैप से लदे ट्रकों में पूरा माल भरकर भेजा जाता था, लेकिन दस्तावेजों में वजन काफी कम दर्ज किया जाता था। उनका कहना है कि एक ट्रक में ही लगभग 6 से 7 लाख रुपये मूल्य के अतिरिक्त स्क्रैप की हेराफेरी की जा रही थी।
किसानों ने मिल के रजिस्टर की जांच का हवाला देते हुए दावा किया कि इसी प्रकार के लगभग 51 ट्रक पहले ही मिल से बाहर जा चुके हैं। यदि प्रत्येक ट्रक में समान स्तर की अनियमितता हुई है तो चीनी मिल को करीब 6 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।


मामले के विरोध में रविवार को किसानों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और श्रमिकों ने चीनी मिल गेट पर धरना देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से कराने की मांग की। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नवदीप कंग ने मिल के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग भी की है।


हंगामे के बीच चीनी मिल की प्रबंधक डॉ. अमृता शर्मा ने पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर लापरवाही के आरोप में मिल के दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि स्क्रैप बिक्री का यह ठेका पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ समय पूर्व इसी ठेकेदार पर लोहे के स्क्रैप के नाम पर मूल्यवान कॉपर उठाने के आरोप लगे थे। उस समय भी मिल प्रबंधन ने जांच समिति गठित की थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका था।
अब ताजा घटतौली प्रकरण सामने आने के बाद चीनी मिल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि स्क्रैप बिक्री समिति से जुड़े उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिनकी जानकारी या मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है।
फिलहाल जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित हेराफेरी की वास्तविक राशि कितनी है और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।

