

स्थान : देहरादून
ब्यरो रेपोर्ट


उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार से प्रदेशभर में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो सितंबर माह तक जारी रहेगी। इस दौरान मतदाता सूची का सत्यापन, नए नाम जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


एसआईआर को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्माने लगी है। कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है और मतदाता सूची से नाम काटे जाने की आशंका जता रही है। कांग्रेस का आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।



कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस भी एक राजनीतिक दल है और चुनाव आयोग की ओर से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत सभी राजनीतिक दलों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर दिया गया है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस प्रक्रिया में बीएलए-2 नियुक्त करने की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से राजनीतिक दल मतदाता सूची की निगरानी कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता के नाम को लेकर कोई आपत्ति या समस्या है तो संबंधित दल अपने बीएलए-2 के जरिए उसे दूर करवा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान कुछ नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे, जबकि नियमों के अनुसार अपात्र पाए जाने वाले नाम हटाए भी जाएंगे। यह एक सामान्य और निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस यह चाहती है कि बाहरी लोगों को उत्तराखंड का मतदाता बनाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहेंगे तथा किसी भी पात्र व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।


उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को किसी नाम को लेकर आपत्ति है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समाधान करा सकता है।

