

स्थान : देहरादून
ब्यरो रेपोर्ट


वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर अब भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है। महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक और झटका तब लगा जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई। इस बढ़ोतरी के बाद रसोई का बजट और अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में करीब 60 रुपये की वृद्धि हुई थी। अब हालिया 29 रुपये की बढ़ोतरी को जोड़ दें तो बीते तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 90 रुपये महंगा हो चुका है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की जेब पर पड़ रहा है।



घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेर रहे हैं और आम जनता को राहत देने की मांग कर रहे हैं।


वहीं भाजपा का कहना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में महंगाई की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में नियंत्रित है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का प्रभाव सभी देशों पर पड़ा है, लेकिन भारत ने स्थिति को संतुलित रखने का प्रयास किया है।

भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता उत्तराखंड भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि वैश्विक संकट के बीच भी देश में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा परिस्थितियां लंबे समय तक नहीं रहेंगी और आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे।

दूसरी ओर कांग्रेस ने गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खाद्य पदार्थों, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जनता पहले ही परेशान है।


कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से आम परिवारों के लिए दो वक्त का भोजन बनाना भी महंगा होता जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने और जनता को राहत देने की मांग की है।

