जनता दरबार में पार्षद ने उठाए विकास कार्यों और भ्रष्टाचार के मुद्दे, जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

जनता दरबार में पार्षद ने उठाए विकास कार्यों और भ्रष्टाचार के मुद्दे, जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

स्थान : श्रीनगर गढ़वाल
ब्यरो रेपोर्ट

नगर निगम श्रीनगर के वार्ड संख्या 40 के पार्षद संदीप सिंह रावत ने जनता दरबार में पहुंचकर अपने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के साथ ही नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी का मामला जिलाधिकारी के समक्ष उठाया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

पार्षद संदीप सिंह रावत ने शिमला गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या के समाधान, नकोट गांव को सुपरमार्केट मार्ग से जोड़ने तथा वार्ड संख्या 40 के सभी गांवों में शीघ्र स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण क्षेत्रवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जनता दरबार में प्रस्तुत शिकायतों पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गंभीरता दिखाई और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

गौशाला में पशुओं की देखभाल को लेकर मिली शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ वातावरण और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा।

शिमला गांव की पेयजल समस्या पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

वार्ड संख्या 40 में विकास कार्य नहीं होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को पूरे प्रकरण की निगरानी करने और जांच को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता से जुड़े सभी मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जाएगा तथा लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।