पाटी नगर पंचायत चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, अध्यक्ष पद की जंग हुई रोचक

पाटी नगर पंचायत चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, अध्यक्ष पद की जंग हुई रोचक

स्थान : चंपावत
ब्यरो रेपोर्ट

जिले के देवाल विकासखंड के दूरस्थ एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव की समस्या एक बार फिर उजागर हुई है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार एरेठा गांव निवासी 34 वर्षीय गम्मोती देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव तक सड़क मार्ग नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों के सामने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

ग्रामीणों ने तत्काल मानवीय पहल करते हुए महिला को डंडी-कंडी में बैठाकर कठिन पहाड़ी रास्तों से कई किलोमीटर पैदल यात्रा की। इसके बाद उन्हें मुख्य सड़क तक लाया गया, जहां से वाहन की सहायता से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में गम्मोती देवी ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।

घटना के बाद एक बार फिर दूरस्थ गांवों में सड़क सुविधा की कमी का मुद्दा चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार टम्टा ने बताया कि एरेठा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2021 में लगभग 8 किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। लेकिन भूमि विवाद और विभागीय प्रक्रियाओं के चलते अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। एरेठा गांव की यह घटना पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर सामने लाती है।