

स्थान : चमोली
ब्यरो रेपोर्ट

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के दूरस्थ एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में महिला ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। राहत की बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।


जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब नौ बजे एरेठा गांव निवासी 34 वर्षीय गम्मोती देवी, पत्नी पानीराम टम्टा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों के सामने महिला को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। इसके बाद ग्रामीणों ने डंडी-कंडी की मदद से महिला को गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाने का निर्णय लिया।



ग्रामीणों ने करीब पांच किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय कर महिला को मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन की व्यवस्था कर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला ने एक स्वस्थ नवजात शिशु को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।


इस घटना ने एक बार फिर एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। आजादी के 78 वर्ष बाद भी यह दूरस्थ गांव सड़क संपर्क से वंचित है। गांव के लोगों को बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और दैनिक जरूरतों का सामान लाने-ले जाने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार टम्टा ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार बीमार, घायल और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को इसी तरह कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में पदमल्ला-कंजरू-एरेठा-ऑडर मोटर मार्ग के आठ किलोमीटर निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी थी और एक वर्ष पूर्व पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा सर्वेक्षण भी किया गया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

राजेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत ऑडर के अंतर्गत आने वाला एरेठा गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है, जहां लगभग 60 परिवार और 250 से अधिक लोग निवास करते हैं। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


ग्राम प्रधान प्रेमा देवी सहित कई ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एरेठा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है।

