

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्टर


उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई रामनगर निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें पिछले कई दिनों से दुर्गम पहाड़ियों, जंगलों और ट्रेकिंग मार्गों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं वहीं दूसरी ओर हर गुजरते दिन के साथ परिवार की चिंता और बेबसी बढ़ती जा रही है।


लापता युवती के पिता गोपाल पांडे ने भावुक होकर कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा अपनी बेटी को सकुशल घर लौटते हुए देखने की है उन्होंने बताया कि बबीता पढ़ाई में बेहद मेधावी है और वर्तमान में एमबीए की पढ़ाई कर रही है पढ़ाई के साथ-साथ वह पार्ट-टाइम नौकरी भी करती थी और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही थी।



गोपाल पांडे ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे हादसे के बाद वह पूर्ण रूप से दिव्यांग हो गए और तब से चलने-फिरने में असमर्थ हैं उन्होंने प्रशासन और बचाव दलों से बेटी को जल्द खोज निकालने की अपील करते हुए कहा कि परिवार हर पल उसकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है।


परिवार का दर्द उस समय और अधिक छलक उठा जब बबीता की दादी लक्ष्मी पांडे अपनी पोती को याद कर भावुक हो गईं उन्होंने हाथ जोड़कर प्रशासन से अपील की कि किसी भी तरह उनकी पोती को सुरक्षित खोजा जाए। उन्होंने कहा कि कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक बबीता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
बबीता की मां और बड़े भाई हर्षित पांडे उत्तरकाशी में मौजूद रहकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमों के साथ लगातार खोज अभियान की जानकारी ले रहे हैं वहीं रामनगर स्थित घर पर उनके दिव्यांग पिता, दादी और छोटे भाई तनुज पांडे बेटी और बहन की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

गौरतलब है कि 29 मई को बबीता अपने दो साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थीं और गोई क्षेत्र में रुकी थीं 30 मई को ट्रेकिंग के दौरान वह अचानक लापता हो गईं सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था।


जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें डॉग स्क्वॉड तथा ड्रोन की सहायता से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं पुलिस ने कोतवाली मनेरी में धारा 140(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है पूरे रामनगर और उत्तराखंड की निगाहें अब इस अभियान पर टिकी हैं। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग बबीता की सकुशल वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं और एक अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।

