

स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट


खटीमा में नगर पालिका के डंपिंग जोन के पास मांस मिलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच का विषय बन गया है मामले में नगर पालिका के एक कर्मचारी ने कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी है वहीं दूसरी ओर अवैध मांस परिवहन और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका के वाहनों के माध्यम से पशु मांस और अवशेषों का परिवहन किया जा रहा है शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ स्थानों पर बिना आवश्यक शुल्क जमा किए तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना मांस का परिवहन और पशु कटान किया जा रहा है।



शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना चिकित्सकीय जांच के पशुओं का कटान किया जा रहा है और आवश्यक लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा साथ ही मांस अवशेषों को धार्मिक स्थलों के आसपास फेंके जाने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही गई है।


नगर पालिका कर्मचारी ने अपनी शिकायत में बताया कि ड्यूटी के दौरान इस मुद्दे को लेकर उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया कर्मचारी का आरोप है कि कुछ लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और उसके साथ मारपीट की, अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा जान से मारने की धमकी दी।

कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया उसने दावा किया कि स्थिति बिगड़ने पर वह किसी तरह वहां से निकलकर सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।


पुलिस ने कर्मचारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है अधिकारियों का कहना है कि मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों की जांच वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है साथ ही अवैध मांस परिवहन और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन संबंधी आरोपों की जांच के लिए संबंधित विभागों को भी अवगत कराया गया है।



प्रशासन ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने तथा सार्वजनिक शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।

