

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी


रानीखेत क्षेत्र में ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) का पवित्र पर्व पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों में त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोग नए कपड़े पहनकर अपने परिवारों के साथ जामा मस्जिद पहुंचे, जहां ईद की नमाज़ अदा की गई।


सुबह ठीक 9 बजे जामा मस्जिद में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों ने हिस्सा लिया। मस्जिद परिसर में रूहानी माहौल देखने को मिला और हर ओर अमन व भाईचारे की भावना दिखाई दी।


नमाज़ के दौरान पेश इमाम ने अपने बयान में ईद-उल-अज़हा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, सब्र, इंसानियत और अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी एकता बनाए रखने की अपील भी की।


नमाज़ के बाद मुल्क की सलामती, अमन-चैन और तरक्की के लिए विशेष दुआ कराई गई। साथ ही विश्व शांति, आपसी भाईचारे और इंसानियत की भलाई की कामना भी की गई। लोगों ने देश में सुख-शांति और समाज में मोहब्बत कायम रहने की दुआ मांगी।
ईद की नमाज़ के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिद परिसर में बच्चों की खुशियां और बुज़ुर्गों की दुआएं त्योहार की रौनक को और बढ़ा रही थीं। हर चेहरे पर खुशी और अपनापन साफ दिखाई दे रहा था।

त्योहार के मौके पर लोगों ने जरूरतमंदों की मदद कर इंसानियत और करुणा का संदेश भी दिया। कई लोगों ने गरीबों और असहाय परिवारों तक सहायता पहुंचाकर ईद के असली मायने को जीवंत किया। लोगों ने कहा कि ईद का त्योहार प्रेम, साझेदारी और मानवता का संदेश देता है।


पूरे रानीखेत क्षेत्र में ईद-उल-अज़हा को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा। लोगों ने सौहार्द और एकता का परिचय देते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया। प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही।

