

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


पहाड़ों की रानी मसूरी के प्रसिद्ध कैमल्स बैक रोड क्षेत्र में रविवार देर शाम जंगल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के जंगलों तक फैल गई, जिससे बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर राख हो गई।


जंगल में आग लगने से आसपास के रिहायशी इलाकों में भी खतरे की स्थिति पैदा हो गई। आग की लपटें और धुएं के गुबार देखकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग घरों से बाहर निकल आए और प्रशासन को सूचना दी गई।


घटना की जानकारी मिलते ही मसूरी वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया। वन कर्मियों ने देर रात तक लगातार आग पर काबू पाने के प्रयास किए।


पहाड़ी क्षेत्र होने और तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती रही, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वन विभाग की टीम को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आग बुझाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
मसूरी वन विभाग के डीएफओ अमित कुंवर ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी और आग को नियंत्रित करने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

डीएफओ अमित कुंवर ने आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर जंगलों में आग लगाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जंगलों में फेंकी गई जलती बीड़ी, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं अक्सर आग का कारण बनती हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने और जंगलों में सावधानी बरतने की अपील की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मियों के दौरान मसूरी के जंगल आग की चपेट में आ जाते हैं, जिससे पर्यावरण और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचता है। लोगों ने वन विभाग से जंगलों की निगरानी बढ़ाने और आग लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

