सीतावनी में पहली बार होगी ‘श्रीजानकी कथा’, सीएम धामी होंगे शामिल

सीतावनी में पहली बार होगी ‘श्रीजानकी कथा’, सीएम धामी होंगे शामिल

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर की पावन भूमि सीतावनी अब एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। नैनीताल-उधमसिंहनगर लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आगामी 16 मई को सीतावनी में पहली बार “श्रीजानकी कथा” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे।

सांसद अजय भट्ट ने बताया कि यह आयोजन रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मां सीता के त्याग, धैर्य, मर्यादा और नारी-शक्ति के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में काउंसिल ने “श्रीजानकी कथा” को देश के गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया था और इस अभियान का नेतृत्व उन्हें सौंपा गया है।

अजय भट्ट ने जानकारी दी कि काउंसिल के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी सांदीपेंद्र जी महाराज के स्नेही शिष्य 12 वर्षीय बाल-व्यास वैदेहीनंदन वेदांतजी इस पहली श्रीजानकी कथा का वाचन करेंगे।

उन्होंने बताया कि सीतावनी का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह स्थान रामायण काल से जुड़ा माना जाता है और मां सीता को समर्पित एक पवित्र स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। सांसद ने कहा कि मां सीता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नारी-शक्ति, त्याग और धैर्य की सर्वोच्च मिसाल हैं।

प्रेस वार्ता में अजय भट्ट ने कहा कि समाज को मां सीता के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल सके। उन्होंने कहा कि एक बेटी, पत्नी और माता के रूप में मां सीता ने हर परिस्थिति में आदर्श प्रस्तुत किए।

सांसद ने बताया कि “श्रीजानकी कथा” को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए जल्द ही “सीता सखी समिति” का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से देशभर की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रामायण रिसर्च काउंसिल वर्ष 2020 से बिहार के सीतामढ़ी स्थित मां सीता के प्राकट्य स्थल को शक्ति क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग से पुनौरा धाम में मां सीता के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गई है।