मोटाहल्दू प्रकरण बना बड़ा मुद्दा, ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरे धर्मगुरु

मोटाहल्दू प्रकरण बना बड़ा मुद्दा, ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरे धर्मगुरु

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

मोटाहल्दू स्थित मदरसन सुनी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े श्रमिक आंदोलन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई अब प्रदेश में बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। इस मामले में श्रमिकों के समर्थन में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं पर हुई कार्रवाई को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है।

इसी बीच धर्मगुरु स्वामी आनंद स्वरूप ने खुलकर ब्राह्मण समाज के पक्ष में बयान देते हुए पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोगों को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता पियूष जोशी, छात्र नेता आशीष कपटवार, युवा नेता विपिन पांडे, वरिष्ठ नेता हरीश पनेरु और मनोज जोशी समेत कई लोगों को उनकी सक्रियता के चलते दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने इस स्थिति को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि किसी विशेष समाज को उसकी आवाज उठाने पर टारगेट किया जाता है, तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज को कमजोर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए।

धर्मगुरु ने मांग की कि जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें तत्काल वापस लिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

गौरतलब है कि इस प्रकरण में कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन जताया है। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, किसान मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता भोपाल सिंह चौधरी, यूकेडी नेता आशीष नेगी और नीरज बिष्ट सहित कई प्रमुख हस्तियों ने फोन या अस्पताल पहुंचकर अपना समर्थन दिया है।

लगातार बढ़ते समर्थन और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों के चलते यह मामला अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदेशभर में प्रदर्शन, पुतला दहन और ज्ञापन कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है।

ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह स्थिति को संतुलित रखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे, ताकि जनविश्वास बना रहे और इस विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जा सके।