मुनस्यारी में पशु चिकित्सालय खुद बदहाल, गोदाम से हो रहा संचालन

मुनस्यारी में पशु चिकित्सालय खुद बदहाल, गोदाम से हो रहा संचालन

स्थान : पिथौरागढ़
ब्यूरो रिपोर्ट

मुनस्यारी (पिथौरागढ़) सीमांत विकास खण्ड मुनस्यारी में पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला पशु चिकित्सालय स्वयं बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। एक वर्ष पूर्व तेज आंधी में भवन की छत उड़ जाने के बाद से अब तक मरम्मत कार्य नहीं हो सका है, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

स्थिति यह है कि भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद पशु चिकित्सालय का संचालन अस्थायी रूप से गोदाम से किया जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि पशुपालकों को भी आवश्यक सेवाओं में असुविधा हो रही है।

जानकारी के अनुसार मुनस्यारी स्थित यह पशु चिकित्सालय वर्ष 1960 में स्थापित हुआ था और क्षेत्र के पशुपालकों के लिए इसका विशेष महत्व रहा है। ऐतिहासिक रूप से यह इलाका भेड़-बकरी पालन और तिब्बत व्यापार के लिए भी प्रसिद्ध रहा है।

पहले के समय में जब सड़क और यातायात की बेहतर सुविधा नहीं थी, तब स्थानीय लोग भेड़-बकरियों के माध्यम से ही खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री का परिवहन करते थे। आज भी इस विकास खण्ड में एक लाख से अधिक भेड़-बकरियां हैं और पशुपालन लोगों की प्रमुख आजीविका का साधन बना हुआ है।

इसके बावजूद पशु चिकित्सालय भवन की स्थिति जर्जर बनी हुई है। छत न होने के कारण भवन के भीतर रखी महत्वपूर्ण लकड़ी संरचनाएं भी लगातार खराब हो रही हैं।

साथ ही दवाइयां, अभिलेख और अन्य आवश्यक सामग्री को गोदाम में सुरक्षित रखने की मजबूरी बनी हुई है, जहां उनके खराब होने का खतरा बना हुआ है। इससे विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर भी असर पड़ रहा है।

स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द भवन की मरम्मत और मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।