

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

देहरादून के लच्छीवाला क्षेत्र के जंगल में बीती 17 अप्रैल को हाथी का एक शावक अपने झुंड से बिछड़ा हुआ मिला, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।


वन कर्मियों ने शावक को उसके झुंड से मिलाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन झुंड ने उसे स्वीकार नहीं किया। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार गंध या परिस्थितियों के कारण झुंड बिछड़े हुए शावकों को अपनाने से इनकार कर देता है।


स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने शावक की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उसे अपनी निगरानी में रखा। इस दौरान उसकी देखभाल और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि उसे किसी प्रकार का खतरा न हो।

अंततः 19 अप्रैल की रात करीब 11 बजे वन विभाग की टीम ने शावक को सुरक्षित रूप से चीला रेंज में स्थानांतरित कर दिया। अब वहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, शावक पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। उसे उचित आहार और देखरेख दी जा रही है, ताकि वह स्वस्थ रह सके।

वन विभाग ने बताया कि Asian Elephant के शावकों के मामले में विशेष सावधानी बरती जाती है, क्योंकि वे अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता होती है।

वन विभाग की इस तत्परता से एक और वन्यजीव की जान बचाई जा सकी, जिसे अब सुरक्षित माहौल में संरक्षित किया जा रहा है।


