ग्रामीण डाक सेवक भर्ती पर उठे सवाल, बाहरी अभ्यर्थियों के चयन से विवाद

ग्रामीण डाक सेवक भर्ती पर उठे सवाल, बाहरी अभ्यर्थियों के चयन से विवाद

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : रानीखेत

उत्तराखंड में हाल ही में हुई ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेरिट आधारित इस चयन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में हरियाणा के अभ्यर्थियों के चयन से स्थानीय स्तर पर असंतोष देखने को मिल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के कई अभ्यर्थियों ने हाई स्कूल परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए, जिसके चलते वे मेरिट सूची में शीर्ष पर रहे और चयनित हो गए। हालांकि, इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब कुछ चयनित अभ्यर्थियों की भाषा दक्षता को लेकर सवाल उठने लगे।

बताया जा रहा है कि कुछ अभ्यर्थियों को हिंदी लिखने में भी कठिनाई हो रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

सोशल मीडिया पर पिथौरागढ़ का एक मामला खासा चर्चा में है, जहां कथित तौर पर हरियाणा के लगभग 30 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि स्थानीय स्तर से केवल एक अभ्यर्थी को मौका मिला।

इस मुद्दे ने प्रदेश में बेरोजगारी और स्थानीय युवाओं को अवसर मिलने के सवाल को फिर से उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि क्या राज्य में योग्य युवाओं की कमी है या उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पा रहे।

मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। करन माहरा ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे गंभीर मामला बताया है।

उन्होंने कहा कि यदि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई है।