

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष राज्यमंत्री मुफ्ती शमून कासमी एक दिवसीय दौरे पर मसूरी पहुंचे, जहां अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जगदीत कुकरेजा सहित मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया।


पत्रकारों से बातचीत में कासमी ने बताया कि राज्य सरकार ने मदरसा बोर्ड के स्थान पर छह अल्पसंख्यक समुदायों को मिलाकर “अल्पसंख्यक राज्य शैक्षणिक प्राधिकरण” गठित किया है, जो 1 जुलाई 2026 से कार्य शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मदरसा बोर्ड की डिग्रियों को शिक्षा परिषद के समकक्ष मान्यता दी जाएगी, जिससे छात्रों को व्यापक अवसर मिल सकेंगे।

कासमी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने हमेशा मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके वास्तविक विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं किए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी सरकार के कार्यकाल में मुस्लिम समुदाय खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

मुफ्ती शमून कासमी ने उत्तराखंड को गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं।


उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य को आदर्श बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है और विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।

कासमी ने कहा कि सभी धर्मों का मूल संदेश प्रेम, सद्भाव और आपसी सम्मान है, जिसे समाज में बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

