

स्थान : खटीमा (ऊधम सिंह नगर)
रिपोर्ट : अशोक सरकार

उत्तराखंड के खटीमा में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां शहर का प्रमुख क्षेत्र कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है। रेंजर ऑफिस, पुलिस चौकी और शहीद स्मारक जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के बीच जमा गंदगी ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।


स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि क्षेत्र में बदबू और बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद समाधान न मिलने से स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।


एक ओर पंडित दीनदयाल पार्क और शनि मंदिर जैसे आस्था के केंद्र हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यालय, लेकिन इन सबके बीच कूड़े का विशाल अंबार नगर पालिका के दावों की पोल खोल रहा है।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि महीनों से वे इस दुर्गंध और गंदगी के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस कारण न केवल स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र की साफ-सफाई और सौंदर्य भी प्रभावित हो रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर सचिव मायावती ढकरियाल ने खटीमा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को तत्काल तलब किया है।


अपर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर के बीचों-बीच जमा कचरे को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि इस गंदगी से न केवल वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि शहीद स्मारक और धार्मिक स्थलों की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।

अब देखना यह होगा कि शासन के सख्त निर्देशों के बाद नगर पालिका प्रशासन कितनी जल्दी हरकत में आता है और शहरवासियों को इस समस्या से कब तक राहत मिलती है।

