

ईरान को बमबारी की खुली धमकी देने वाले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक बड़ा यू-टर्न लेते हुए संघर्षविराम (सीजफायर) को अनिश्चित समय के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मौजूदा युद्धविराम खत्म होने में कुछ ही घंटे बाकी थे।


कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने सीएनबीसी को दिए बयान में कहा था, “मुझे उम्मीद है कि हम ईरान पर बमबारी करेंगे,” और साथ ही दावा किया था कि अमेरिकी सेना “पूरी तरह तैयार” है। उन्होंने यहां तक कहा था कि ईरान के भीतर हर पुल और बिजली संयंत्र को निशाना बनाया जा सकता है।

लेकिन इसके तुरंत बाद हालात बदल गए और ट्रंप ने संघर्ष रोकने पर सहमति जता दी। उनका कहना है कि यह फैसला पाकिस्तान सरकार के अनुरोध के बाद लिया गया है, जिसने क्षेत्रीय तनाव कम करने की अपील की थी।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ट्रंप लगातार ईरान के खिलाफ आक्रामक और धमकी भरे बयान देते रहे, जिससे तनाव काफी बढ़ गया था। हालांकि अब उनके रुख में अचानक नरमी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बदलाव सैन्य टकराव से बचने की रणनीति या कूटनीतिक दबाव का परिणाम हो सकता है। वहीं, ईरान की ओर से अभी इस नए फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

