

ब्यूरो रिपोर्ट

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को वार्षिक कारोबारी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डाक विभाग के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग की आय में 16 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।


संचार मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में डाक विभाग का कुल राजस्व 15,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन विभाग के लिए “ऐतिहासिक” साबित हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में डाक विभाग का राजस्व 13,218 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2025-26 में 15,296 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी विभाग की आय में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता सेवाओं की पहुंच को बढ़ाना, नए ग्राहकों को जोड़ना और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना है। इसके साथ ही ग्राहकों के साथ “सिक्स सिग्मा” स्तर के सेवा मानकों को लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने लंबे समय बाद 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल की है और इस गति को आगे भी बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।

संचार मंत्री ने यह भी बताया कि डाक विभाग केवल पत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह कई महत्वपूर्ण वित्तीय और बचत सेवाएं भी प्रदान कर रहा है, जो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

इन सेवाओं में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Saving Scheme) शामिल है, जो बुजुर्गों को नियमित आय उपलब्ध कराती है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जो विशेष रूप से बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं।

डाक विभाग द्वारा संचालित इन योजनाओं ने आम जनता के बीच निवेश और बचत को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। सरकार का मानना है कि इन सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में डाक विभाग की सेवाओं को और अधिक आधुनिक और डिजिटल बनाकर इसकी पहुंच को देश के हर कोने तक मजबूत किया जाए।

