

स्थान : देहरादून (उत्तराखंड)
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन और बद्री-केदार मंदिर समिति ने कई अहम बदलाव किए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए नियम लागू किए गए हैं।


इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि चारधाम यात्रा में अब दर्शन के लिए प्रतिदिन की अधिकतम श्रद्धालुओं की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। इससे सभी भक्त अब बिना किसी संख्या प्रतिबंध के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि भीड़ प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।


केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बड़ा संशोधन किया गया है। अब सामान्य वीआईपी पास व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और केवल सरकारी प्रोटोकॉल से जुड़े लोगों को ही विशेष दर्शन की अनुमति दी जाएगी।


चारों धाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—के मंदिर परिसरों में अब मोबाइल फोन, कैमरे और सोशल मीडिया रील बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके लिए श्रद्धालुओं के फोन जमा कराने हेतु क्लॉक रूम व्यवस्था तैयार की जा रही है।

भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए अब दिन में सामान्य दर्शन होंगे, जबकि विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान रात के समय कराए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु रहेगी।

बद्री-केदार मंदिर समिति ने पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के शुल्क में भी संशोधन किया है। विशेष पूजा, कथा और अनुष्ठानों के लिए नए शुल्क निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासन का दावा है कि इन नए नियमों से चारधाम यात्रा अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनेगी, जिससे हर यात्री को सुगमता से दर्शन का अवसर मिल सकेगा।

