

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात कर रही है और राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।


करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की समर्थक रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कांग्रेस ने पूरी मजबूती से समर्थन किया था, लेकिन भाजपा ने इसे लागू करने के बजाय जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं में उलझा दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के बजाय इसे चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उनके अनुसार, संसद में हाल के घटनाक्रमों को इस तरह प्रस्तुत किया गया जैसे विपक्ष इसका विरोध कर रहा हो, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है।

माहरा ने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो मौजूदा लोकसभा संरचना के भीतर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर इस मुद्दे को टाल रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल में जारी नोटिफिकेशन को प्रचार का माध्यम बनाकर जनता में यह भ्रम फैलाया गया कि महिला आरक्षण लागू हो चुका है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है और महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

करन माहरा ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ समझौता कर रही है और महिलाओं के अधिकारों को केवल राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने इसे “राजनीतिक ड्रामा” करार दिया।

अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मुद्दे पर फैलाई जा रही भ्रांतियों को समझें और सच को पहचानें।

